इन 10 फिल्मों पर अश्लीलता फैलाने का लगा था आरोप, बैन होने के बाद भी यूट्यूब पर हुईं रिलीज

आजकल इंटरनेट सस्ता होने व ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के आने के बाद फिल्मों में बोल्ड और अश्लील कंटेट को दिखाना आम बात हो गया है. लेकिन जब ओटीटी प्लेटफॉर्म्स नहीं थे तब ऐसी अश्लीलता भरी फिल्मों को सेंसर बोर्ड से पास करवाना में मेकर्स के काफी मुश्किल होता था. बॉलीवुड में भी कुछ ऐसी हिंदी फिल्में बनाई गई हैं, जिनके जरिए मेकर्स ने दर्शकों को कुछ ऐसा परोसने की कोशिश कीया हैं, जिसमें सेंसर बोर्ड की कैंची भी काम नहीं आई बल्कि इन फिल्मों को सेंसर बोर्ड ने पूरी तरह बैन ही कर दिया था. हालांकि मेकर्स ने बाद में अपनी इन फिल्मों को रिलीज करने का एक नया तरीका अपनाया जिसे यूट्यूब पर अपलोड किया गया, तो आइये जानते हैं इस लिस्ट में कौन- कौन सी फिल्में शामिल हैं.

उर्फ प्रोफेसर

WhatsApp Group से जुड़े 👉 Join Now
Telegram Group से जुड़े 👉 Join Now

उर्फ प्रोफेसर 04 दिसंबर 2001 को रिलीज हुई एक हिंदी फिल्म थी. फिल्म का निर्देशन पंकज आडवाणी ने किया है और इसमें देवांग पटेल और शरमन जोशी मुख्य भूमिका में हैं. शरमन जोशी, अंतरा माली और मनोज पावहा स्टारर फिल्म ‘उर्फ प्रोफेसर’ को भी अश्लीलता फैलाने के आरोप में सेंसर बोर्ड ने बैन कर दिया था. बाद में इस फिल्म को यूट्यूब पर रिलीज किया गया.

कामसूत्र 3डी

शर्लिन चोपड़ा और आभा पॉल अभिनीत 2013 की फिल्म “कामसूत्र 3डी” को भी सेंसर बोर्ड ने खारिज कर दिया था क्योकि इस फिल्म से कथित तौर पर अश्लीलता फैलाई गई थी. बाद में यूट्यूब पर इस फिल्म की रिलीज किया गया.

See also  LEO Box Office Collection: विजय की लियो ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया कहर, जवान और जेलर के छुटे पसीने

सिन्स

फिल्म “सिन्स”, जो एक ईसाई पादरी के जीवन पर आधारित है, यह फिल्म बैन घोषित होने से पहले इसमें कई बोल्ड सीन दिखाए गए थे. हालाँकि, बाद में इस फिल्म को यूट्यूब पर उपलब्ध करा दिया गया था.

गांडू

गांडू 2010 की भारतीय बंगाली भाषा की ब्लैक कॉमेडी फिल्म है, जो क्यू द्वारा निर्देशित है, गांडू को बोल्ड और अश्लील ग्राफिक चित्रण के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था. बाद में गांडू को नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध कराया गया.

द पेंटेड हाउस

सेंसर बोर्ड ने फिल्म “द पेंटेड हाउस” को बभी बैन कर दिया था क्योंकि इसमें एक बुजुर्ग व्यक्ति और एक खूबसूरत युवा महिला के बीच कई बोल्ड सीन थे. हालाँकि, बाद में इस फिल्म को भी यूट्यूब पर उपलब्ध करा दिया गया.

अनफ्रीडम

2014 में समलैंगिकता-थीम वाली फिल्म “अनफ्रीडम” रिलीज़ हुई थी. हालाँकि, सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म की रिलीज़ को अस्वीकार कर दिया था, जिसके कारण इसे YouTube रिलीज़ करना पड़ा.

पाँच

सेंसर बोर्ड ने फिल्म “पाँच” को भी अश्लीलता के कारण बैन कर दिया था, जिसमें केके मेनन ने अभिनय किया था. अनुराग कश्यप की फिल्म को बाद में यूट्यूब पर रिलीज़ किया गया.

See also  Sofia Ansari का यह नया वीडियो देख लोगों के छुटे पसीने, कैमरा के सामने ही कर दिया ये काम

एंग्री इंडियन गोडेस

तीन लड़कियों के जीवन पर आधारित इस फिल्म के सभी बोल्ड दर्शाए गए थे, इसलिए सेंसर बोर्ड ने भी इस फिल्म पर रोक लगा दी थी, लेकिन आखिरकार इसे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया.

फायर

शबाना आजमी अभिनीत इस फिल्म में समलैंगिक सीन को दर्शाया गया था, ये फिल्म 1998 में बनी थी लेकिन सेंसर बोर्ड ने इसे रिलीज होने की इजाजत नहीं दी थी. बाद में इस फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया.

वाटर

जॉन अब्राहम अभिनीत फिल्म ‘वॉटर’ को सेंसर बोर्ड ने बैन कर दिया था, लेकिन बाद में इसे भीओटीटी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया गया.

1 thought on “इन 10 फिल्मों पर अश्लीलता फैलाने का लगा था आरोप, बैन होने के बाद भी यूट्यूब पर हुईं रिलीज”

Leave a Comment